हिंदी समास ट्रिक, हिंदी समास नोट्स, हिंदी यूपी टेट सीटीईटी नोट्स | hindi samas trick, uptet notes, CTET hindi notes

दोस्तों समास एक ऐसा टॉपिक है जो कि लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। जिन प्रतियोगी परीक्षाओं में हिंदी एक अनिवार्य विषय है उस प्रतियोगी परीक्षा में जरूर समाज से एक या दो प्रश्न पूछे जाते हैं इसलिए यह टॉपिक बहुत ही खास है और यह ट्रिक बहुत ही आसान है इसे आप जरूर पढ़ें और अपने दोस्तों के साथ शेयर करें।

समास ट्रिक updatemart primary ka master

1- अव्ययीभाव समास - इसमें उपसर्ग जुड़ा रहता है या एक ही शब्द 2 बार आता है तो वहां पर अव्ययीभाव समास होता है।
Ex
(A) यथाशक्ति
(B) भरपेट
(C) धीरे-धीरे
यहां पर शक्ति मूल शब्द है जबकि यथा एक उपसर्ग है इसलिए यहां पर अव्ययीभाव समास होगा।

2- तत्पुरुष समास - कारक चिन्ह का लोप होता है तो वहां पर तत्पुरुष समास होता है।
Ex
(A) वनवास (वन में वास)
(B) राजकुमार (राजा का कुमार)
यहां (में ) तथा (का) कारक चिन्ह हैं।
कारक चिन्हों की विशेष जनकरी के लिए नीचे दिए गए इमेज को देखें

3- द्वंद्व समास - और के स्थान पर योजक चिन्ह ( - ) लगा रहता है या विलोम शब्द रहता है तो वहां पर द्वंद समास होता है।
Ex -
 (A) माता - पिता, 
(B) दिन - रात, 
(C) लव - कुश

माता और पिता 
रात और दिन 
लव और कुश
इन सभी शब्दों में "और" के स्थान पर (-) योजक चिन्ह का प्रयोग किया गया है।

4- कर्मधारय समास - पहला पद विशेषण होता है अर्थात  किसी पद की विशेषता बताता है या कैसे का अंतर मिले तो वहां कर्मधारय समास होगा।

Ex
(A) नीलकमल ( नीला है कमल ) कमल की विशेषता बता रहा है।
(B) परमानंद ( परम है आनन्द) आनंद की विशेषता बता रहा है
(C) अधमरा (आधा मरा) मरने की विशेषता बता रहा है

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5 - दिगु समास - संख्या या समूह का बोध होता है तो वहां पर दिगु समास होता है।
Ex
(A) चौराहा - चार राहों वाला
(B) नौग्रह - नौ ग्रहों वाला

6 - बहुव्रीहि समास - इसमें दोनों पद प्रधान नहीं होते हैं परंतु दोनों पद किसी तीसरे अर्थ को संबोधित करते हैं।
Ex-
(A) दशानन - दश हैं अनान जिसके अर्थात् रावण
(B) लम्बोदर - लम्बा है उदर जिसका अर्थात् गणेश जी
(C) पंकज - कीचड़ में रहने वाला अर्थात् कमल
(D) प्रधानमंत्री - मंत्रियों में प्रधान है जो अर्थात् प्रधानमंत्री

महत्वपूर्ण नोट्स

1- अव्ययीभाव समास में मुख्यतः उपसर्ग ही जुड़े होते हैं इसलिए इनको पहचानना आसान है।

2- बहुव्रीहि समास में मुख्यतः भगवान या राक्षसों के नामों का ही वर्णन किया जाता है।
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