सरकारी स्कूलों में अब प्री प्राइमरी की भी पढ़ाई | updatemart

सरकारी स्कूलों में अब प्री प्राइमरी की भी पढ़ाई

Updatemart - आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों के लिए सरकार नई योजना ला रही है इस योजना के तहत सरकारी स्कूलों में प्राइवेट स्कूलों के तरह ही प्री प्राइमरी की पढ़ाई होगी।

Primary ka master news

प्री प्राइमरी कक्षाएं यानी ऐसी कक्षाएं जो कक्षा एक से भी छोटी हो अर्थात 'शिशु अ' और 'शिशु ब' की कक्षाएं।

रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सरकारी स्कूलों की शिक्षण व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा सकता है। प्री प्राइमरी कक्षाओं का संचालन नए सत्र 2020- 2021 में प्रारंभ किया जा सकता है।

वर्तमान में 5 वर्ष से कम उम्र के बालक सरकारी स्कूलों में प्रवेश नहीं ले पाते हैं क्योंकि सरकारी स्कूलों के कक्षा एक में पढ़ने के लिए न्यूनतम आयु 5 वर्ष होनी चाहिए, इसलिए 5 वर्ष से कम उम्र के बालकों को आंगनबाड़ी में पढ़ाई के लिए भेजा जाता था। लेकिन प्री प्राइमरी कक्षाएं सरकारी स्कूल में आ जाने से 3 वर्ष से 5 वर्ष तक के बालकों की पढ़ाई सरकारी स्कूलों में करवाई जा सकती है।

आंगनबाड़ी में पठन-पाठन बंद होगा

आंगनबाड़ी में पढ़ाई को लेकर एक सर्वे हुआ था जिसमें यह ज्ञात हुआ कि आंगनबाड़ी में पढ़ाई का स्तर बहुत ही निम्न है, तथा बच्चों के सीखने की क्षमता बेहद कमजोर पाई गई थी।

इसी कारण अब नए शिक्षा व्यवस्था के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों को पठन-पाठन कार्य से मुक्त कर दिया जाएगा।

Primary ka master news

इसके साथ-साथ प्राइवेट स्कूलों से टक्कर लेने के लिए सरकार के द्वारा सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूलों का संचालन भी किया जा रहा है।


बेसिक शिक्षा अधिकारी के बोल

गोरखपुर जिला के बेसिक शिक्षा अधिकारी बीएन सिंह ने बताया कि नए सत्र से प्री प्राइमरी कक्षाओं का संचालन सरकारी स्कूलों में कर दिया जाएगा और इसके लिए तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं।

मोटी फीस वसूलते हैं प्राइवेट स्कूल

प्राइवेट स्कूलों के नाम पर बच्चों के अभिभावकों से मोटी फीस वसूल की जाती है जिसके कारण गरीब अभिभावक अपने बच्चों का नामांकन ऐसे स्कूलों में नहीं करा पाते। इसलिए सरकार की इस नई पहल से ऐसे अभिभावकों को राहत मिलेगी।

Post a Comment

0 Comments