Basic shiksha news in hindi updatemart

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मिशन प्रेरणा को धार देंगे जिलाधिकारी
Updatemart - मिशन प्रेरणा को आधार देने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के साथ-साथ मंडलायुक्त व
जिलाधिकारी भी इस कार्य में जुटेंगे। वहीं यूपी के सभी जिले में परिषदीय स्कूलों का हाल भी जाना भी जाएगा।

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बेसिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने हर मंडल में मिशन प्रेरणा के बारे में जागरूकता फैलाने और यूपी के सभी जिलों में शिक्षा की सेहत जानने के लिए परिचर्चा के आयोजन के निर्देश जारी किए हैं।

मिशन प्रेरणा में सात माड्यूल तय किये गये हैं। जिसके कारण ऑपरेशन कायाकल्प सुचारू ढंग से चलाया जा रहा है। ऑपरेशन कायाकल्प पर वित्त आयोग की धनराशि से खर्च किया जा रहा है। अब तक लगभग 92 हजारों से अधिक स्कूलों को 7 मानकों पर पूरा किया जा चुका है।

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विज्ञान, गणित के शिक्षकों के बारे में मांगी सूचना
Updatemart - उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 29334 विज्ञान तथा गणित के सहायक अध्यापकों की नियुक्ति से संबंधित मामले में बेसिक शिक्षा परिषद की सचिव रूबी सिंह ने जरूरी सूचनाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी अधिकारियों को पत्र जारी कर दिया है।

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बेसिक शिक्षा अधिकारियों से आठ जनवरी 2020 तक सूचनाएं मांगी गई थी लेकिन कई जगह से सूचनाएं प्राप्त नहीं हो पाईं हैं। सचिव रूबी सिंह की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि मामले में तीन फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में इसके लिए सुनवाई होनी है। पत्र के माध्यम से यह कहा गया है कि परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों के अभिलेखों से मिलान करते हुए सूचना परिषद कार्यालय को 27 जनवरी तक उपलब्ध करा दी जाए।

बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शिक्षिका की सेवा समाप्त की

यह खबर लखनऊ की है जहां रीमा पाल नाम की एक शिक्षिका जो फर्जी मार्कशीट के आधार पर प्राथमिक विद्यालय में नौकरी कर रही थी उनकी बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शुक्रवार को सेवा समाप्त कर दी।

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बेसिक शिक्षा अधिकारी अमरकांत सिंह के अनुसार रीमा पाल की स्नातक की डिग्री फर्जी पाई गई। इसके बाद रमाकांत सिंह के द्वारा शिक्षिका पर मुकदमा चलाया जा रहा है। साथ ही साथ उन्होंने इतने वर्ष तक सेवा में रहने के लिए जो वेतन प्राप्त किया उसकी वसूली भी की जाएगी।

बेसिक शिक्षा अधिकारी के अनुसार रीमा पाल वर्ष 2014-15 में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात हुई थी और उन्होंने स्नातक की जो मार्कशीट लगाई थी वह लखनऊ विश्वविद्यालय की थी। लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर पता चला कि रीमा पाल की मार्कशीट फर्जी है।

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