Basic shiksha parishad ke jarjar school | updatemart

Basic shiksha parishad के प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों की रखरखाव तथा स्कूली शिक्षा के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष 300 करोड़ से भी ज्यादा धनराशि खर्च कर दी जाती है। पर इन सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को ना तो बेहतर स्कूली शिक्षा मिल पाती है और ना ही बेहतर सुविधाएं तथा वातावरण।

Basic shiksha parishad up ke jarjar school

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में Basic shiksha parishad के लगभग अट्ठारह सौ प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं, जिनमें करीब 5000 से ज्यादा सहायक अध्यापक कार्यरत हैं। केंद्र और राज्य सरकार के सम्मिलित सहयोग से समय-समय पर पाठ्यपुस्तक, ड्रेस तथा मिड डे मील योजना का कार्यक्रम चलाया जाता है। इन सभी कार्यक्रमों के साथ-साथ स्कूली शिक्षा में सुधार के भी अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं पर इन विद्यालयों में शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने में कामयाबी हासिल नहीं हो पा रही है।

Today latest news of basic shiksha parishad up

बेसिक शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार देखा जाए तो सिर्फ 160 ही ऐसे विद्यालय हैं, जो जर्जर की अवस्था में है, परंतु हकीकत कुछ और ही है। विद्यालयों का जर्जर रूप सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों में ही नहीं बल्कि शहरी क्षेत्रों में भी देखने को मिलती हैं।

Basic shiksha parishad spend lots of rupees on mid day meal in up

सिर्फ पीलीभीत जिले की बात की जाए तो Basic shiksha parishad के अनुसार मिड डे मील योजना के अंतर्गत 17 से 18 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष खर्च हो जाते हैं। इसके अतिरिक्त ₹50000000 प्रति वर्ष मिड-डे-मील बनाने वाले रसोइयों पर खर्च होते हैं।

सिर्फ एक जिले में प्रतिवर्ष 23 से 24 करोड़ रुपए खर्च करने के बाद भी मिड डे मील योजना से जुड़ी शिकायतें आती रहती हैं। कभी खाने को लेकर तो कभी दूध को लेकर। 

इसके अलावा बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों पर प्रत्येक वर्ष यूनिफार्म वितरण के लिए सात करोड़, पुस्तक वितरण योजना पर ढाई करोड़ से तीन करोड़, स्कूली भवनों के रंगाई पुताई पर तीन से चार करोड़, इसके अलावा भी कई करोड रुपए खर्च कर दे जाते हैं फिर भी Basic shiksha parishad के स्कूल जर्जर के हालत में हैं।

100 of years old school of basic shiksha parishad in up

Basic shiksha parishad के कुछ स्कूलों के भवन तो 100 वर्ष से भी अधिक पुराने हैं । बेसिक शिक्षा विभाग के द्वारा इन भवनों की मरम्मत ना किए जाने की दशा में यह भवन बद से बदतर होते जा रहे हैं। 100 वर्ष से भी अधिक पुराने भवन में टनकपुर चौराहे के पास आदर्श परिषदीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय का नाम प्रमुख है।

Basic shiksha parishad up ke jarjar school
Basic shiksha parishad up ke jarjar school

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