updatemart - असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए पीएचडी अनिवार्य

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अगर आप अपने करियर की शुरूआत असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में टीचिंग से करना चाहते हैं और आपने मास्टर डिग्री और एमफिल की डिग्री प्राप्त कर की है तो यह खबर आपके काम की है।

जुलाई 2021 से कॉलेज और यूनिवर्सिटी में पढ़ाने के लिए पीएचडी की डिग्री अनिवार्य होगी इस बात की घोषणा मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने वर्ष 2018 के जून माह में ही कर दी थी।

क्या है रेगुलेशन 2018? 

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने 2018 में कहा था कि 2021 से कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के किसी भी व्यक्ति के लिए संबंधित विषय में न्यूनतम पीएचडी होना जरूरी हो जाएगा। यहां नेट, और जेआरएफ की अनिवार्यता नहीं रह जाएगी या समाप्त कर दी जाएगी। लेकिन यदि किसी व्यक्ति के पास नेट या जेआरएफ के साथ पीएचडी की भी डिग्री है तो यह सोने में सुहागा जैसा होगा।

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टॉप 500 यूनिवर्सिटीज को मिलेगा महत्व

प्रकाश जावड़ेकर ने कहा था कि नई गाइडलाइंस के मुताबिक विश्व के पांच सौ टॉप रैंकिंग वाले विदेशी शैक्षणिक कॉलेजों से पीएचडी करने वाले लोगों को भारत में सहायक प्रोफेसर के पद पर नियुक्ति में मान्यता दी जाएगी।

वर्ष 2009 से पहले पीएडी वालों का क्या?

जिन्होंने अभ्यर्थियों ने वर्ष 2009 से पहले पीएचडी किया है, वह असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के योग्य माने जाएंगे। नेट या जेआरएफ परीक्षा पास करने की अनिवार्यता अब किसी को भी नहीं होगी।

वर्तमान में सहायक प्रोफेसर की न्यूनतम पात्रता

• सभी प्रतियोगी के पास संबंधित विषय में मास्टर डिग्री होनी चाहिए।

• सभी प्रतियोगी को राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा यानी नेट परीक्षा पास होना जरूरी है।

• उम्मीदवार ने जिस विषय से मास्टर डिग्री ली है उस संबंधित विषय में तीन रिसर्च पेपर प्रकाशित हों तो यह अच्छा है, किताब लिखी हो तो और भी अच्छा होगा।

जुलाई 2021 से असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए न्यूनतम योग्यता

• किसी भी विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर बनने और सहायक प्रोफेसर से एसोसिएट प्रोफेसर पद पर प्रमोशन के लिए भी पीएचडी होना जरूरी है।

• इस नई व्यवस्था के अनुसार एक बहुत आसान शिक्षक मूल्यांकन की ग्रेडिंग प्रणाली शुरू की जाएगी तथा इसके द्वारा ही शिक्षकों का चयन किया जाएगा।

• शैक्षणिक प्रदर्शन संकेतक आधारित मूल्यांकन प्रणाली जो कई वर्षों से इस्तमाल की का रही थी उसको भी हटा दिया जाएगा।

• कॉलेजों में एसोसिएट प्रोफेसर के पदों में वृद्धि उसके शिक्षण केंद्रित मीट्रिक के आधार पर की जाएगी।

• विवि. आधारित शिक्षण में, पदोन्नति पर और विवि. में शिक्षण और शोध-केंद्रित मीट्रिक के आधार पर होगी।


 क्या प्राइवेट विश्वविद्यालय से पीएचडी की मान्यता है?

देश या विदेश में किसी भी निजी विश्वविद्यालय से किए गए पीएचडी की मान्यता है, लेकिन उस विश्व विद्यालय की रैंकिंग दुनिया के टॉप 500 विश्वविद्यालय के अंदर होनी चाहिए।

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