जांच के डर से फर्जी शिक्षक नौकरी छोड़कर भागे | updatemart

हर जिले में फर्जी शिक्षक जांच के डर से नौकरी छोड़कर भागे।

एसटीएफ ने की अचानक से नौकरी छोड़ने वालों पर जांच की मांग, फर्जी अंकपत्र और फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर भी बन गए हैं सहायक अध्यापक

Fake-basic-teacher

प्राइमरी और उच्च प्राइमरी शिक्षकों के डुप्लीकेट अंकपत्र और डिग्री से तैनात फर्जी शिक्षकों की संख्या हजारों में हो सकती है। ऐसे फर्जी शिक्षक उत्तर प्रदेश के हर जिले में बेसिक शिक्षा के परिषदीय स्कूलों में बड़ी संख्या में तैनात हैं।

अब तक 336 गिरफ्तार

अब तक 336 फर्जी शिक्षकों के बारे में खुलासा करने वाली एसटीएफ की टीम ने बेसिक शिक्षा विभाग से कई बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है। साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग की जुलाई 2018 से लंबित जांच जल्द से जल्द से पूरी करने की मांग की गई है। जिससे उत्तर प्रदेश में चल रहे फर्जी शिक्षकों के खेल को उजागर किया जा सके।

शिक्षकों का फर्जी खेल मामले के खुलासे के बाद से ही ऐसे फर्जी शिक्षकों में दहशत का माहौल है। दहशत के माहौल के बीच कई फर्जी शिक्षकों ने तो इस्तीफा देकर, तो कुछ ने बिना त्यागपत्र दिए ही नौकरी पर आना छोड़ दिया।

यूपी एसटीएफ की जांच में सामने आया कि जिलों में  फर्जी शिक्षक मामले का खुलासा होने के बाद कुछ शिक्षक इस्तीफा देकर नौकरी छोड़ गए। एसटीएफ ने जांच के दौरान जब बेसिक शिक्षा विभाग के दफ्तर से संबंधित अभ्यर्थी के प्रमाण पत्र मांगे तो इसकी भनक  लगते ही कुछ और शिक्षकों ने बिना त्यागपत्र दिए ही नौकरी पर आना छोड़ दिया।

फर्जी डिग्री से नौकरी करने वाले 30 शिक्षक बर्खास्त

एसटीएफ की टीम ने बीते दिनों सतर्कता विभाग के ऊपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर यह सिफारिश की कि सेवा अवधि पूरी होने से पहले ही नौकरी छोड़कर गए सहायक अध्यापकों पर केस दर्ज कर जांच की जाए।

एसटीएफ ने अपनी रिपोर्ट में यह आशंका जताई है कि लगभग हर जिले में शिक्षकों की डुप्लीकेट अंक तालिका व प्रमाण पत्र, फर्जी अंकतालिका, फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर बहुत से सहायक  अध्यापकों की तैनाती की गई है।

बड़े फर्जीवाड़े की आशंका

बेसिक शिक्षा विभाग से ऐसे सहायक अध्यापकों की लिस्ट मांगी गई है जिन्होंने हाल ही में अपना पैन नंबर बदला हो। ऐसे सहायक अध्यापकों की भी लिस्ट मांगी गई है जिन्होंने बोर्ड या विश्वविद्यालय से प्रमाण पत्र की  द्वितीय प्रति प्राप्त की है। उसके बाद ही जांच आगे बढ़ाई जाएगी।

श्रीवास्तवी में 3 पर एफ आई आर

श्रीवास्तवी में फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी करने वाले 3 सहायक अध्यापकों पर एफ आई आर दर्ज करवाई गई है। यह अध्यापक मनोज कुमार, राम कुमार तथा प्रीति शर्मा हैं।

फर्जी शिक्षकों को बेनकाब करने के लिए विभाग से मांगी गई जानकारी

• ऐसे सहायक अध्यापकों की सूची मांगी गई है जिन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त लेखा अधिकारी के यहां अपना पैन नंबर बदला हो।

• ऐसे अध्यापकों की जिलेवार सूची बनाई जाएगी जिन्होंने अपने शैक्षिक प्रमाणपत्रों की द्वितीय प्रति जमा करके नौकरी प्राप्त की है।

महिला शिक्षामित्र से छेड़छाड़ पर प्राथमिक शिक्षक निलंबित

• सेवारत अध्यापक के मूल निवास के पते पर जांच कराकर सुनिश्चित किया जाए कि जो शिक्षक सेवारत है वह वास्तविक शिक्षक है या फर्जी शिक्षक।

• जिला कोषागार से सभी बेसिक शिक्षकों के वेतन  की सूची प्राप्त करके यह जांच की जाएगी कि जो लोग पढ़ा रहे हैं वह चयनित शिक्षक हैं या नहीं और उनका नाम चयनित वर्ष की मेरिट लिस्ट में था या नहीं था।

• b.Ed डिग्री धारी अभ्यर्थियों की जिस वर्ष से सहायक अध्यापक पद पर भर्ती शुरू हुई जब से जांच कराने का सुझाव दिया है।

• एसटीएफ ने हर जिले में संबंधित भर्ती की डीएम स्तर से जारी अंतिम चयन सूची से भी क्रॉस चेक करने की सिफारिश की है ताकि फर्जी अंक तालिका के आधार पर हुई भर्तियों का पता लगाया जा सके।

Post a Comment

0 Comments