औचक निरीक्षण में प्राइमरी स्‍कूल पहुंचे नगर विधायक - updatemart

औचक निरीक्षण में प्राइमरी स्‍कूल पहुंचे नगर विधायक

Updatemart- खबर गोरखपुर के एक प्राथमिक विद्यालय का है जहां शिक्षा का दयनीय स्थिति देख कर नगर विधायक डा राधा मोहन दास अग्रवाल बहुत दुखी हुए और उन्होंने अपने साथ चल रहे नगर शिक्षा अधिकारी ब्रह्मचारी शर्मा को प्राईमरी पाठशाला डिभिया ( वार्ड 3 ) की प्रधानाध्यापिका श्रीमती दुर्गावती देवी को तुरंत सस्पेंड करने के निर्देश दे दिए।

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गोरखपुर के नगर विधायक ने अचानक किसी प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण करने का निर्णय लिया। नगर विधायक ने नगर शिक्षा अधिकारी को अपने घर पर बुलाया और उनके साथ वार्ड संख्या तीन के डिभिया स्थित प्राथमिक विद्यालय में औचक निरीक्षण करने पंहुच गए।

नगर विधायक ने देखी उपस्थिति पंजिका

नगर विधायक ने स्कूल पहुंचने के बाद सबसे पहले बच्चों की उपस्थिति देखी। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में सिर्फ 30 बच्चे ही उपस्थित थे, जबकि पंजीकृत बच्चों की संख्या 72 थी। उन्हें यह जानकर और भी आश्चर्य हुआ जब उन्हें पता चला कि हमेशा इससे भी कम बच्चे स्कूल में उपस्थित रहते हैं।

रजिस्टर देखने से उन्हें यह पता चला कि पंजीकृत 17 छात्रों की संख्या कक्षा- 5 में घटकर 8 तक पंहुच गई। नगर विधायक राधा मोहन दास ने कक्षा पांच के बच्चों को ब्लैक बोर्ड पर 127 और 49 अंक लिखने को कहा लेकिन लगभग 75 प्रतिशत बच्चे नहीं लिख पाए। 

75 प्रतिशत बच्चों को गुणा-भाग करना तो दूर घटाना का तरीका भी नहीं आ रहा था और बाकी सभी बच्चों को भी घटाना नहीं आया। नगर विधायक ने बच्चों से सामान्य हिंदी के कुछ वाक्य और शब्द लिखने को कहा लेकिन सिर्फ एक बच्ची को छोड़कर शेष बच्‍चे सामान्य हिन्दी भी नहीं लिख पाए।

विधायक ने पढ़ाया गणित

नगर विधायक ने काफी समय तक रुक कर बच्चों को अंकगणित पढ़ाया और हिंदी लिखने का अभ्यास कराया। उसके बाद नगर विधायक ने बच्चों को पौष्टिक आहार का मतलब समझाया तथा स्वयं राष्ट्र गान गाया और बच्चों को जन-गन-मन गाने का तरीका सिखाया। बाद में विधायक ने सभी बच्चों के साथ मिड-डे-मील भी ग्रहण किया और खाने की गुणवत्ता की प्रशंसा की।

नगर विधायक ने प्रधानाध्यापिका से उसका वेतन पूछा इस पर प्रधानाध्यापिका ने अपना वेतन 77 हजार तथा रसोइए ने डेढ़ हजार बताया। इस पर नगर विधायक भड़क गए और शिक्षिका को यह कहकर डांट लगाई कि सिर्फ 1500 रुपए पाने वाली रसोइया अपना काम ईमानदारी से कर रही है, लेकिन 77 हजार रूपए प्रतिमाह वेतन पाने वाली शिक्षिका लापरवाह है।

नगर विधायक ने प्रधानाध्‍यापिका को किया सस्‍पेंड

नगर शिक्षा अधिकारी को नगर विधायक ने कहा कि नीति आयोग के इस साल के रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश में शिक्षा का स्तर सबसे निचले पायदान पर आ गया है और इस विद्यालय में शिक्षा का स्तर अत्यधिक निचले स्तर पर है इसलिए उन्होंने विद्यालय की प्रधानाध्यापिका को तुरंत सस्पेंड कर देने की सलाह दी।

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